आधी रात का रहस्य
आधी रात के घने अंधेरे में, जंगल के एक शांत खुले मैदान में, जुगनू एक पुराने पत्थर के कुएँ के चारों ओर नाच रहे थे। ऊपर, एक पतला चाँद अपनी ठंडी रोशनी बिखेर रहा था। एक छोटा भूरा खरगोश, जिसके लंबे कान और फड़कती हुई नाक थी, उत्सुकता से कुएँ की ओर देख रहा था। उसके पास ही, एक बड़ा, scarred शेर, जिसकी सुनहरी गर्दन थी, अपनी गहरी आँखों से कुएँ के काले पानी में झाँक रहा था, उसकी साँसें हवा में गरमाहट भर रही थीं। खरगोश धीरे से फुसफुसाया, "महाराज, क्या आपने देखा?" शेर ने गुर्राकर जवाब दिया, "क्या देखा, मूर्ख? मुझे अपनी शिकार की चिंता है!"
कुएँ में चाँद का भ्रम
खरगोश ने अपनी फड़कती नाक से हवा सूँघते हुए कहा, "महाराज, ऐसा लगता है कि चाँद स्वर्ग से गिरकर सीधे हमारे कुएँ में आ गया है!" शेर ने अविश्वास से अपनी आँखें सिकोड़ीं, लेकिन जब उसने फिर से कुएँ के स्थिर पानी में देखा, तो उसे वास्तव में चाँद का प्रतिबिंब साफ दिखाई दिया। उसकी शिकार की भूख अचानक एक नई उत्सुकता में बदल गई। उसने अपना भारी पंजा कुएँ की पथरीली दीवार पर टिकाया, ध्यान से पानी में झाँका। खरगोश ने धीरे से अपनी मूंछें हिलाईं, उसकी आँखों में एक शरारती चमक थी। शेर अब क्या करेगा, इस 'गिरे हुए चाँद' को पाने के लिए?
लालची शेर की चाल
शेर, जिसे अब चाँद को पाने की लालच थी, ने कुएँ के किनारे पर और झुकना शुरू कर दिया। खरगोश ने अपनी लंबी मूंछें फड़फड़ाते हुए कहा, "पर महाराज, यह इतना गहरा है! और यह कितना चमकदार है! आपको इसे पकड़ने के लिए बहुत ही सावधानी से काम लेना होगा।" शेर, अपनी ताकत पर घमंड करते हुए, खरगोश की चेतावनी को नज़रअंदाज़ कर दिया। उसकी आँखें केवल पानी में चमकते 'चाँद' पर टिकी थीं। उसने एक बड़ा साँस लिया और खुद को और नीचे झुकाया, उसके पंजे पथरीली सतह पर फिसलने लगे। क्या शेर अपनी लालच के कारण किसी खतरे में पड़ने वाला था?
चालाकी का नतीजा
शेर, पूरी तरह से चाँद को पकड़ने की धुन में, कुएँ में गिर गया। एक भारी छपाक की आवाज़ गूँजी, और पानी के छींटे हवा में फैल गए। खरगोश, जिसने यह सब देखा था, अपनी लंबी मूंछें फड़फड़ाते हुए, एक विजेता की मुस्कान के साथ दूर कूद गया। शेर ने पानी में संघर्ष किया, उसकी सुनहरी गर्दन भीग गई, और उसे जल्द ही एहसास हुआ कि उसने जो देखा था वह केवल एक प्रतिबिंब था, असली चाँद नहीं। खरगोश सुरक्षित रूप से दूर चला गया, उसकी चालाकी ने उसे भूखे शेर से बचा लिया और एक बड़ा सबक सिखाया।
